सीकर. 14 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद मौत के मामले में चल रहा धरना प्रदर्शन गुरुवार देर शाम को समाप्त हो गया। जानकारी के अनुसार मृतका बच्ची के परिजनों को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और केस की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक थोई थानाप्रभारी संगीता मीणा को हटाने की प्रशासनिक सहमति बनने पर परिजन और ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। अब शुक्रवार को बच्ची के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, दुष्कर्म व हत्या के इस केस की जांच पूरी होने तक थानाप्रभारी संगीता मीणा का मुख्यालय आईजी रेंज ऑफिस रहेगा।
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार आरोपी 19 साल का बसंत मीणा है। वह किशनगढ़ रेनवाल का रहने वाला है। उसका मकान पीड़िता बच्ची के घर से पास ही है। बच्ची के माता-पिता ननिहाल गए थे। तभी बच्ची को अकेला पाकर बसंत मीणा घर में चला गया। वहां उसने बच्ची से दुष्कर्म किया। इसके बाद पकड़े जाने के डर से आरोपी ने पहले हाथों से और फिर कपड़े से उसका गला घोंट दिया। बच्ची के अचेत होने पर उसे मरा छोड़कर भाग गया।
घटना का पता चलने पर परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना देकर अस्पताल पहुंचाया। जहां से हालत बिगड़ने पर बच्ची को 27 जनवरी की शाम को ही जेके लोन अस्पताल, जयपुर में रेफर कर दिया गया। करीब 8 दिन बाद पीड़िता ने 4 फरवरी की शाम को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले सोमवार को भी ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं, बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों में और आक्रोश बढ़ गया। विरोध के चलते बुधवार को कांवट कस्बा बंद रखा गया।
यही नहीं, सैंकड़ों की संख्या में लोग थाने का घेराव कर वहीं धरने पर बैठ गए। मामला गंभीर होने पर आईजी रेंज एस. सेंगाथिर व पुलिस मुख्यालय के उच्चाधिकारियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन और बच्ची के परिजनों के साथ बातचीत की। तब देर शाम को आर्थिक मुआवजा देने और थानाप्रभारी को जांच पूरी होने तक हटाने जाने पर सहमति बनी।